मेरी पहली पुस्तक विडिओ
परम पूज्य गुरुवर का कुम्भ स्नान के बाद गंगा मैया का जयकारा
वागड़ के प्रयाग बेणेश्वर धाम पर सोम माहि और जाखम नदियों के किनारे पर बसे बेणेश्वर धाम के त्रिवेणी संगम अबुदरा घाट पर गादीपति महंत अच्चुतानंदजी महाराज ने आरती कर दिन रात चलने वाले मेले का शुभारम्भ किया |
1. यह मेला वागड़ का प्रयाग कहा जाता हैं |
2- यह मेला विदेशियों की पहली पसंद है|
गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवारा में हिंदी विभाग की रास्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लेने का सुअवसर प्राप्त हुआ
साबला हरी मंदिर में आयोजित रास्ट्रीय संगोष्टी 2025 में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ
वागड़ के बेणेश्वरधाम पर माघ पूर्णिमा पर आयोजित रास लीला में भाग लिया, जिसमे वागड़ के प्रसिद्ध कथावाचक कमलेश भाई शास्त्री मेरे रासलीला के किरदार में हारमोनियम से साथ देते हुए I
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